Author name: bharat

पुराण को समझें, आज के सन्दर्भ में

मित्रों,विष्णु पुराण के रचनाकार पराशर ऋषि थे। ये महर्षि वशिष्ठ के पौत्र थे। इस पुराण में पृथु, ध्रुव और प्रह्लाद के प्रसंग अत्यन्त रोचक हैं। ‘पृथु’ के वर्णन में धरती को समतल करके कृषि कर्म करने की प्रेरणा दी गई है। कृषि-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने पर ज़ोर दिया गया है। घर-परिवार, ग्राम, नगर, दुर्ग आदि […]

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कृष्ण की प्रतिज्ञा

रथ का पहिया लेके #भीष्म की ओर दौड़ते #कृष्ण और उन्हें रोकते #अर्जुन यह चित्र बहुत ही सुंदर है। इस दृश्य पर कईं बार चिंतन करता हूँ मैं। सोचता हूँ कि क्या गजब का दृश्य रहा होगा, जब योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण अपनी शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा को तोड़के रथ का पहिया उठाके भीष्म की

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सोलह सुख

  सोलह सुख ****पहला सुख निरोगी काया।दूजा सुख घर में हो माया।तीजा सुख कुलवंती नारी।चौथा सुख सुत आज्ञाकारी। पाँचवा सुख सदन हो अपना।छट्ठा सुख सिर कोई ऋण ना।सातवाँ सुख चले व्यापारा।आठवाँ सुख हो सबका प्यारा। नौवाँ सुख भाई औ’ बहन हो ।दसवाँ सुख न बैरी स्वजन हो।ग्यारहवाँ मित्र हितैषी सच्चा।बारहवाँ सुख पड़ौसी अच्छा। तेरहवां सुख

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