Vedas

श्रीराम मुनि वंदना – नमामि भक्त वत्सलं (अरण्यकाण्ड)

Namami Bhakt Vatsalan, Krpalu Sheel Komlan Bhajami Te Padambujan, Akaminan Swadhamdan श्री अत्रि मुनि द्वारा रचित श्रीराम वंदना रामचरितमानस के अरण्यकाण्ड से संबंधित है। नमामि भक्त वत्सलं । कृपालु शील कोमलं ॥भजामि ते पदांबुजं । अकामिनां स्वधामदं ॥ निकाम श्याम सुंदरं । भवाम्बुनाथ मंदरं ॥प्रफुल्ल कंज लोचनं । मदादि दोष मोचनं ॥ प्रलंब बाहु विक्रमं । प्रभोऽप्रमेय […]
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शिव रूद्राष्टकम- नमामी शमीशान निर्वाण रूपं

Shiv Rudrashtakam is a devotional Sanskrit composition on Shiva or Rudra by saint Tulsidas ji. It appears in the Uttara Kanda (after 107) of the Ramcharit Manas. Rudrashtakam consists of eight stanzas of hymns that narrate the many qualities and deeds of Shiva such as the destruction of Tripura, and the annihilation of Kamadeva. Namami […]
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ऋषि का महत्व और उनके योगदान

आकाश में सात तारों का एक मंडल नजर आता है उन्हें सप्तर्षियों का मंडल कहा जाता है। उक्त मंडल के तारों के नाम भारत के महान सात संतों के आधार पर ही रखे गए हैं। वेदों में उक्त मंडल की स्थिति, गति, दूरी और विस्तार की विस्तृत चर्चा मिलती है। प्रत्येक मनवंतर में सात सात […]
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अट्ठारह पुराण

हम अट्ठारह पुराणों के कुछ पहलुओं को संक्षिप्त में समझने की कोशिश करेंगे, पुराण शब्द का अर्थ ही है प्राचीन कथा, पुराण विश्व साहित्य के सबसे प्राचीन ग्रँथ हैं, उन में लिखित ज्ञान और नैतिकता की बातें आज भी प्रासंगिक, अमूल्य तथा मानव सभ्यता की आधारशिला हैं, वेदों की भाषा तथा शैली कठिन है, पुराण […]
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12 Things You Need to Know About Hinduism

1) Hinduism is at least 5000 years old Hinduism is one of a few ancient religions to survive into modern times. The collection of traditions that compose modern-day Hinduism have developed over at least the past 5000 years, beginning in the Indus Valley region (in the nations of modern India and Pakistan), in what was […]
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पुराण को समझें, आज के सन्दर्भ में

मित्रों,विष्णु पुराण के रचनाकार पराशर ऋषि थे। ये महर्षि वशिष्ठ के पौत्र थे। इस पुराण में पृथु, ध्रुव और प्रह्लाद के प्रसंग अत्यन्त रोचक हैं। ‘पृथु’ के वर्णन में धरती को समतल करके कृषि कर्म करने की प्रेरणा दी गई है। कृषि-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने पर ज़ोर दिया गया है। घर-परिवार, ग्राम, नगर, दुर्ग आदि […]
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कृष्ण की प्रतिज्ञा

रथ का पहिया लेके #भीष्म की ओर दौड़ते #कृष्ण और उन्हें रोकते #अर्जुन यह चित्र बहुत ही सुंदर है। इस दृश्य पर कईं बार चिंतन करता हूँ मैं। सोचता हूँ कि क्या गजब का दृश्य रहा होगा, जब योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण अपनी शस्त्र न उठाने की प्रतिज्ञा को तोड़के रथ का पहिया उठाके भीष्म की […]
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Importance of Temples

  “Importance of temple in ancient India“ Did you ever think… What is the temple? Is this the only place where God lives ? Is this the only symbol of Hinduism Or this is just a visiting place to please ourselves ? Well according to my opinion, this is more than that and calling it […]
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